Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से होने वाले फायदे नुकसान पर टैक्स के प्रावधान पर फैले भ्रम को सरकार किया खत्म, जानें क्या बोले वित्त राज्यमंत्री

Cryptocurrency News: क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को एक क्रिप्टोकरेंसी से हुए लाभ को दूसरे क्रिप्टोकरेंसी में हुए नुकसान की भरपाई करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

By: ABP Live | Updated at : 21 Mar 2022 05:45 PM (IST)

Edited By: manishkumar

Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने नाले निवेशकों के बुरी खबर है. क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को एक क्रिप्टोकरेंसी से हुए लाभ को दूसरे क्रिप्टोकरेंसी में हुए नुकसान की भरपाई करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. सरकार ने ये बातें लोकसभा में कही है. सरकार के इस जवाब से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के बाद टैक्स लगाने की नियम को स्पष्ट करता है. पहले निवेशकों के बीच भ्रम था कि लाभ और हानि की गणना कैसे की जाएगी.

उदाहरण के जरिए आपको समझाते हैं मान लिजिए किसी Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ निवेशक ने बिट्कॉइन और एथेरियम दोनों क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया है. और उसे बिट्कॉइन में निवेश से 1 लाख रुपये का फायदा होता है और एथेरियम में निवेश से 1 लाख का नुकसान होता है तो भी निवेशक को 1 लाख रुपये पर 30 फीसदी के दर से टैक्स का भुगतान करना होगा. दरअसल प्रॉपर्टी, शेयरों में निवेश से Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ होने वाले प्रॉफिट लॉस को एडस्ट करने का प्रावधान है. लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को इस प्रावधान से अलग रखा गया है.

लोकसभा सांसद कार्ति चिदंबरम द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि इनकम टैक्स 1961 की प्रस्तावित धारा 115BBH के प्रावधानों के अनुसार, वीडीए (वर्चुअल डिजिटल एसेट्स) के हस्तांतरण से होने वाले नुकसान को दूसरे वीडीए के हस्तांतरण से उत्पन्न आय के खिलाफ सेट-ऑफ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. धारा 115BBH नकम टैक्स एक्ट में एक नया प्रस्तावित खंड है जो क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाले लाभ को परिभाषित करता है. ने

पंकज चौधरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में बुनियादी ढांचे की लागत, उदाहरण के लिए कंप्यूटर और बिजली, इनकम से नहीं काटी जा सकती क्योंकि ये कैपिटल एक्सपेंडिचर की श्रेणी में आएगा. धारा 115बीबीएच के तहत क्रिप्टोकरेंसी के अधिग्रहण की लागत की कटौती Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ की अनुमति है. साथ ही वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि देश में क्रिप्टोकरेंसी अभी भी भारत में अनरेग्युलेटेड है.

दरअसल एक फरवरी 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ बजट पेश करते हुए क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले मुनाफे पर एक अप्रैल 2022 से 30 फीसदी कैपिटल गेन टैक्स लगाने का ऐलान किया था.

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Published at : 21 Mar 2022 05:45 PM (IST) Tags: Cryptocurrency parliament Bitcoin Loksabha capital gain tax Ethereum Virtual Digital Assets Capital Gain Tax On Cryptocurrency हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है जो ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करने के लिए किसी भी बैंक पर निर्भर Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी को फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्रांति लाने के इरादे से लॉन्च किया गया था। लेकिन, हर क्रांति के अपने फायदे और नुकसान होते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी — क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की देन है। आज, यहां आप पढ़ेंगे क्रिप्टोकरेंसी के कुछ फायदों और इससे होने वाले नुकसान के बारे में।

क्रिप्टोकरेंसी के फायदे

क्रिप्टोकरेंसी सबसे सिक्योर करेंसी मानी जाती है, क्योंकि यह क्रिप्टोग्राफी और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से मिलकर बनीं है।

क्रिप्टोकरेंसी पैसे के लिए एक नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम डिफाइन करती है। इस सिस्टम में ट्रांजेक्शन को वैरिफाई करने के लिए किसी भी बैंक पर निर्भर होने की जरूरत नहीं हैं। फलस्वरूप, समय और रिसॉर्स दोनों की बचत होती है।

क्रिप्टोकरेंसी किसी विश्वसनीय थर्ड पार्टी जैसे बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी की जरूरत के बगैर, दो पार्टी के बीच सीधे फंड ट्रांसफर करना आसान बनाती है।

क्योंकि यह थर्ड-पार्टी मिडिएटर का उपयोग नहीं करती है, दो ट्रांजेक्शन करने वाली पार्टियों के बीच क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर, Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ स्टैंडर्ड मनी ट्रांसफर की तुलना में ज्यादा फास्ट होते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने से लाभ मिल सकता है। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की वैल्यू पिछले एक दशक में आसमान छू गई है, एक पॉइंट पर तो यह लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई।

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क्रिप्टोकरेंसी के नुकसान

क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें बेहद अस्थिर हैं। दुनिया भर में 24×7 इस पर ट्रेडिंग चलती रहती है। Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ अक्सर, किसी भी देश में नियामक कार्रवाई की फुर्ती से कीमतों में गिरावट आ सकती है। इसी तरह, अटकलें कीमतों को बढ़ा सकती हैं।

एक पीयर-टू-पीयर सिस्टम, जो किसी को भी, कहीं भी पेमेंट भेजने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, होने की वजह से इस पर किसी भी बैंक, या सरकार का कंट्रोल नहीं है।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनियाभर में सरकारें एक मत नहीं है। कुछ देशों में सरकार ने इसे लीगल करार दे दिया है तो कहीं पर अभी भी इस पर कानून की तलवार लटकी हुई है।

मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खरीदारी जैसी नापाक गतिविधियों के लिए क्रिप्टोकरेंसी अपराधियों के लिए एक लोकप्रिय उपकरण बन गई है। कुछ रिपोर्ट्स ने डार्क वेब पर ड्रग्स बेचने के लिए इसका इस्तेमाल किए जाने के संकेत दिए हैं। क्रिप्टोकरेंसी भी हैकर्स की पसंदीदा बन गई है जो उनका इस्तेमाल हानिकारक गतिविधियों के लिए करते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी का एक नुकसान यह है कि कोई भी इंटरनेट कनेक्शन वाले कंप्यूटर का उपयोग करके उन्हें माइन (खनन) कर सकता है। हालांकि, लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग के लिए काफी एनर्जी की जरूरत होती है, कभी-कभी उतनी ऊर्जा, जितनी कि पूरे देश में खपत होती है।

हालांकि क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की वजह से बेहद सिक्योर है, लेकिन दूसरी क्रिप्टो रिपॉजिटरी, जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज और वॉलेट को हैक किया जा सकता है। समय-समय पर कई ऐसी ख़बरें आईं हैं जब एक्सचेंज और वॉलेट को हैक कर लिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी लाखों डॉलर वैल्यू के "कॉइन" चोरी कर लिए गए।

निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यह सलाह दी जा सकती है कि निवेश करने से पहले अपने धन लक्ष्यों, जोखिम सहनशीलता और रिटर्न अपेक्षाओं के अनुरूप सावधानीपूर्वक निर्णय लें।

Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले जान लें ये बातें, वरना लालच के चक्कर होगा भारी नुकसान

जब तक आपको क्रिप्टो की पूरी जानकारी न हो आप क्रिप्टों करेंसी (Cryptocurrency) में पैसा न लगाएं. बिना रिसर्च और जानकारी के इसमें निवेश करने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले जान लें ये बातें, वरना लालच के चक्कर होगा भारी नुकसान

नई दिल्ली,14 जनवरी: क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)वर्चुअल करेंसी है. आप इसे आम करेंसी की तरह अपने पास नहीं रख सकते हैं. क्रिप्टो करेंसी की तरफ लोगों का काफी रुझान दिखा रहा हैं. पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन (Bitcoin), ईथर (Ether), डॉगकोइन (Dogecoin), शीबा इनु (Shiba Inu) और अन्य क्रिप्टो करेंसी बाजार में काफी लोकप्रिय हुए हैं. क्रिप्टो करेंसी ने वैश्विक स्तर पर व्यापारिक लेनदेन के मामले में एक नए युग की स्थापना की है. एलन मस्क जैसे लोकप्रिय लोग भी क्रिप्टो करेंसी का समर्थन करते हैं, हालांकि, क्रिप्टो करेंसी की प्रकृति में अस्थिरता हैं जो बाजार जोखिमों के अधीन हैं. Bitcoin Crisis in 2022: क्या इस साल क्रैश हो सकती है क्रिप्टोकरेंसी? जानें विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह

उदाहरण के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन ने पिछले साल $ 69,000 को छूने का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन सिर्फ तीन महीने के भीतर ही यह $ 40,000 के निशान से नीचे गिर गया. इसलिए क्रिप्टोकरेंसी को जोखिम भरी संपत्ति के तौर पर देखा जाता है. निवेशकों को पता होना चाहिए कि इनमें निवेश से Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ जुड़ी अस्थिरताएं हैं.

क्रिप्टो करेंसी में निवेश से पहले इससे जुड़ी कुछ बुनियादी बातों को ध्यान में रखना जरुरी है. क्रिप्टो मैनेजिंग प्लेटफॉर्म, कासा के संस्थापक और सीईओ कुमार गौरव के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक यह समझना है कि आप क्रिप्टो में कितना निवेश करते हैं. "आपको समझना चाहिए कि क्रिप्टो करेंसी बेहद अस्थिर है. बाजार हमेशा खुला रहता है और वैश्विक मांग और आपूर्ति कारकों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है. एक संपत्ति के रूप में क्रिप्टो करेंसी अन्य निवेश परिसंपत्तियों की तुलना में थोड़ा जोखिम भरा है"

वौल्ड के सह-संस्थापक और सीईओ और ब्लॉकचैन और क्रिप्टो एसेट्स काउंसिल (बीएसीसी) के एक सदस्य, दर्शन बथिजा ने बिटकॉइन को थोड़ा जोखिम-मुक्त बनाने के लिए एक समाधान की पेशकश की. उन्होंने कहा, "क्रिप्टो करेंसी अस्थिरता और अटकलों से भरी हुई है. यदि आप बिटकॉइन में निवेश करना चाहते हैं, तो छोटे लाभ के चक्कर में ना रहें, या छोटे नुकसान से निराश न हो. कभी-कभार अल्पकालिक गिरावट का भी आपको सामना करना पड़ सकता है. यदि आप अस्थिरता से निपटना चाहते हैं, तो इसका समाधान यह है कि आप अपने बिटकॉइन को फिक्स डिपॉडिट कर दें.

क्रिप्टो मैनेजिंग प्लेटफॉर्म, कासा के संस्थापक और सीईओ कुमार गौरव ने बताया कि निवेश करने के लिए कौन सी क्रिप्टो करेंसी को चुनना चाहिए उन्होंने कहा "11,000 से अधिक क्रिप्टो परियोजनाएं हैं जो अब CoinMarketCap पर सूचीबद्ध हैं. 11,000 टोकन में से सिर्फ कुछ में ही निवेश करने लायक हैं. हर निवेशक के लिए परियोजना को समझना बेहद जरुरी है.

हमेशा किसी ऑथेन्टिक या किसी नामी प्लेटफॉर्म के जरिए ही क्रिप्टो में पैसा लगाएं. इसका सही चुनाव करना बहुत जरूरी है. बिना सोचे-समझे कभी भी निवेश न करें. जब तक आपको क्रिप्टो की पूरी जानकारी न हो आप इसमें पैसा न लगाएं. हमेशा ट्रांजैक्शन करने के लिए क्रिप्टो के पूरे ब्लॉकचेन को समझना पड़ता है. बिना रिसर्च और जानकारी के इसमें निवेश करने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

Bitcoin Investment : क्या हम सचमुच कहीं निवेश करते हैं या बस अनुमान लगाते हैं कि रिटर्न मिल जाएगा?

Cryptocurrency prices : क्रिप्टोकरेंसी निवेश को लेकर एक बड़ा ही सीधा, सहज सवाल उठता है, क्या हम सच में किसी चीज में निवेश कर रहे हैं? या हम बस यह अनुमान लगाकर चल रहे हैं कि भविष्य में हमें कुछ रिटर्न मिल जाएगा?

Bitcoin Investment : क्या हम सचमुच कहीं निवेश करते हैं या बस अनुमान लगाते हैं कि रिटर्न मिल जाएगा?

Bitcoin Investment की वास्तविकता और अनुमानों पर कई सवाल उठते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

साल 2009 में डेवलप होने के बाद से क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Cryptocurrency Bitcoin Value) की बढ़ती पॉपुलैरिटी और दूनी-चौगुनी होती इसकी वैल्यू निवेशकों को भी हैरानी में डालती है. जैसाकि इंटरनेट के साथ हुआ था, उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी को भी मेनस्ट्रीम में आने में कुछ साल लगे, लेकिन अब यह वर्चुअल करेंसी अप्रत्याशित तेजी से बढ़ रही है. बहुत से निवेशकों ने क्रिप्टोकरेंसी को अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो (Cryptocurrency in investment portfolio) का हिस्सा बना लिया है. लेकिन बिटकॉइन और इस जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी फिजिकल असेट नहीं हैं, यानी आप इन्हें छू नहीं सकते, हाथ से इनका लेन-देन नहीं कर सकते. ये करेंसी किसी एक संस्था या सिस्टम के तहत नहीं चलती हैं. यह पूरा नेटवर्क खुद से खुद को चलाता है. ट्रांजैक्शन कुछ डिसेंट्रलाइज्ड यानी बिना किसी एक सेंटर वाले कंप्यूटरों के नेटवर्क पर होता है.

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ऐसे में एक बड़ा ही सीधा, सहज सवाल उठता है, क्या हम सच में किसी चीज में निवेश कर रहे हैं? या हम बस यह अनुमान लगाकर चल रहे हैं कि भविष्य में हमें कुछ रिटर्न मिल जाएगा?

2018 में बिजनेस टाइकून वॉरेन बफे ने सार्वजनिक तौर पर बिटकॉइन को एक निवेश के माध्यम के तौर पर खारिज किया था. इसके तीन साल हो गए हैं और क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में तबसे बहुत कुछ हो चुका है, बहुत कुछ बदल चुका है. एक ओर बड़ी-बड़ी बिजनेस कंपनियां इन डिजिटल संपत्तियों में निवेश कर रही हैं. दूसरी ओर, क्रिप्टो की दुनिया में हुई धोखाधड़ियों ने अपने पीछे बड़ा गुबार छोड़ रखा है.

शायद हमें यह पूछना ही बंद कर देना चाहिए कि क्या बिटकॉइन में निवेश करना अनुमान लगाना भर है? इसकी बजाय हमें क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में ऐसे आसान नियमों पर फोकस करना चाहिए, जो कि हमें असल में लाभ दिला सकें.

1. लॉन्ग टर्म में फायदा या शॉर्ट टर्म में

स्पेक्युलेशन यानी अनुमान लगाना तब होता है, जब हम कम समय में ज्यादा लाभ कमाने की उम्मीद में जोखिम भरा निवेश करते हैं. ऐसे में स्पेक्युलेटर बनने के बजाय रियल इन्वेस्टर बनिए, जिसका फोकस लॉन्ग टर्म्स गोल्स यानी लंबे समय में ज्यादा रिटर्न बनाने पर होना चाहिए. निवेश के पहले नियमों में से एक है कि जितना खोने का रिस्क उठा सकते हैं, उतना ही निवेश करना चाहिए. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के जोखिम काफी भारी हो सकते हैं, ऐसे में हमें इसके खतरों को नाप-तौल कर ही अपने गोल का चुनाव करना चाहिए.

2. क्वालिटी पर भरोसा

हमेशा 'too good to be true' और रिस्की प्रोजेक्ट्स और ऑफर से बचकर रहना चाहिए. कोई आपको तुरंत प्रॉफिट नहीं दिला सकता है, ऐसे ऑफर्स के चक्कर में न पड़ें, वर्ना हो सकता है कि आप जिंदगी भर रिटर्न के इंतजार में ही रह जाएं. किसी भी कॉइन में निवेश करने से पहले उसके रेड फ्लैग्स यानी कमियां, रिस्क, हकीकत में उसकी स्थिति परख लें, फिर निवेश करें. इससे आपको तुरंत प्रॉफिट हो न हो, लॉन्ग टर्म में आप फायदे में रहेंगे. बिटकॉइन का प्राइस, इसकी शुरुआत के साथ भारत में कई गुना बढ़ चुका है.

3. डाइवर्सिफाईड पोर्टफोलियो रखें

यहां Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ आप कई नाव में एक साथ पांव रख सकते हैं, रख सकें तो. कहते हैं कि 'Don't put all the eggs in the same basket'. वही बात है, अपना इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाइड रखिए, यानी थोड़ा-थोड़ा कई जगहों पर निवेश रखिए, ऐसे में एक कॉइन की कीमत गिरी तो आपका पूरा निवेश नहीं डूबेगा. ऐसा नहीं कि आपने एक ही क्रिप्टोकरेंसी में पूरा पैसा लगा दिया और अब इंतजार कर रहे हैं कि अच्छा वक्त आएगा. रियल इन्वेस्टमेंट वो होता है जब हम किसी वॉलेटाइल यानी अस्थिर बाजार में सोच-विचार करके एक सेफ ग्राउंड से निवेश करते हैं.

क्यों आपको बिटकॉइन से दूर रहना चाहिए ? जानिए 10 वजह

इस साल बिटकॉइन की कीमत में 1000 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है. इस साल की शुरुआत में एक बिटकाइन की कीमत करीब 1000 डॉलर थी.

क्यों आपको बिटकॉइन से दूर रहना चाहिए ? जानिए 10 वजह

ऐसे चढ़ी बिटकॉइन की कीमतें

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2- अब तक कोई रेगुलेटर नहीं
बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी पर निगरानी के लिए अब तक कोई रेगुलेटर नहीं हैं. न इस पर सरकार का नियंत्रण है और न ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का . इसके अलावा इस पर सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) का भी कोई कंट्रोल नहीं है. यानी अगर आप Zebpay, Unocoin और Coinsecure जैसे बिटकॉइन एक्सचेंजों से बिटकॉइन खरीदते हैं और आपके साथ कोई फ्रॉड होता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है. इसमें कोई आपकी मदद नहीं करेगा. आरबीआई कई बार कह चुका है कि जो लोग क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड कर रहे हैं वो अपने रिस्क पर इसमें निवेश करें.

3- सरकार ने झाड़ा पल्ला
सरकार ने बिटकऑइन को लेकर शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कहा है कि फिलहाल बिटकॉइन को मान्यता देने का सरकार का इरादा नहीं है. वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक सरकार की पोजीशन यही है कि वर्च्युअल करेंसी को कानूनी मान्यता नहीं है. इस पर बनाई गई कमिटी की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है जिसके बाद फैसला लिया जाएगा.

4-गैर कानूनी धंधों में इस्तेमाल

सरकार के नियंत्रण से बाहर होने से आतंकवादी, माफिया और हैकर्स बिटकॉइन का इस्तेमाल गैर कानूनी धंधों में करने का शक है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इसमें लेनदेन में पहचान छुपी रहती है. इसलिए सरकार की पकड़ में ऐसे लोग नहीं आ पाते हैं. हैकर भी फिरौती के लिए बिटकॉइन को माध्यम बना रहे हैं. कुछ महीने पहले रैनसममवेयर के हैकर ने बिटकॉइन में फिरौती मांगी थी.

निवेश से संबंधित टिप्स और जानकारियां

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5- कीमतों को लेकर सटीक आकलन नहीं
जब हम किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो कंपनी की ग्रोथ होने पर उसके दाम भी चढ़ते हैं. लेकिन बिटकॉइन के मामले में ऐसा नहीं है. यानी कंपनी की कमाई, टर्नओवर, विस्तार का पूरा खाका होता है जबकि बिटकॉइन के मामले में ऐसी Bitcoin में निवेश करने के फायदे और नुकसान लाभ बात नहीं है.

6- बिटकॉइन से कोई चीज नहीं खरीद सकते

जब आप कोई सामान खरीदते हैं वीसा, मास्टर कार्ड और रुपे कार्ड से भुगतान करके उसे ले सकते हैं, जबकि बिटकॉइन के मामलें में ऐसा नहीं है. रिजर्व बैंक का साफ कहना है कि हम ऐसे लेनदेन की गांरटी नहीं लेते हैं.

7-न यह कमोडिटी है न ही करेंसी
पुराने जमाने में सोने-चांदी जैसी धातुओं के सिक्के चलते थे. इसके बाद सरकार द्वारा या आरबीआई की ओर से चलाए गए सिक्के आए. इन्हें फिएट करेंसी बोला जाता था. जबकि बिटकॉइन अब तक न करेंसी की कैटेगरी में न ही कमोडिटी है.

एंजेल कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता का कहना है कि कम समय में भारी मुनाफा मिलने से निवेशक बिटकॉइन में निवेश बढ़ा रहे हैं. उनका कहना है कि कई निवेशक अभी गोल्ड की जगह बिटकॉइन में पैसा लगा रहे हैं.

8- पोंजी स्कीम का रैकेट
क्रिप्टोकरेंसी में सिर्फ ऑपरेशनल खतरे ही नहीं बल्कि इसमें दूसरे जोखिम भी हैं. ठगी के लिए पोंजी स्कीम लॉन्च की जा रही हैं. ये निवेशकों से गारंटीड रिटर्न का वादा कर रहे हैं. आईएफआईएम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन बैकिंग के प्रोफेसर एवं चेयरमैन राजेन्द्र के सिन्हा का कहना है कि कुछ कंपनियां कम समय में दोगुना रिटर्न के वादा कर रही हैं . निवेशकों को इनसे बचना चाहिए क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी के भाव में बहुत उतार-चढ़ाव रहता है.

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9- जेपी मार्गन ने बताया था फ्रॉड
अमेरिकी निवेश बैंक जेपी मॉर्गन चेज के सीईओ जैमी डिमॉन ने बिटकॉइन के बारे में यह तक बोल दिया है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा फ्रॉड है और इसमें निवेश करना बेवफूकी है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की डायरेक्टर ने भी बिटकॉइन की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई थी.

10- चीन ने बढ़ाई सख्ती
बिटकॉइन का 90 फीसदी कारोबार चीनी एक्सचेजों से होता है. इसके बाद चीनी सरकार ने ट्रांजेक्शन फीस तेजी से बढ़ाई, जिसके बाद कारोबार का वॉल्यूम 20 फीसदी गिर गया. इसके अलावा ऑनलाइन टोकन पर रोक लगाई थी.

क्या है बिटकॉइन?
बिटकॉइन वर्चुअल करेंसी है. इसे क्रिप्टो करेंसी भी कहा जाता है. यह अन्य मुद्राओं की तरह जैसे डॉलर, रुपये या पॉन्ड की तरह भी इस्तेमाल की जा सकती है. ऑनलाइन पेमेंट के अलावा इसको डॉलर और अन्य मुद्राओं में एक्सचेंज किया जा सकता है. बिटकॉइन साल 2009 में चलन में आई थी. आज इसका इस्तेमाल ग्लोबल पेमेंट के लिए किया जा रहा है. बिटकॉइन की ख़रीद और बिक्री के लिए एक्सचेंज हैं. दुनियाभर के बडे बिजनेसमैन और कई बड़ी कंपनियां वित्तीय लेनदेन में इसका इस्तेमाल कर रही हैं.

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