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Sleeping Position: आपके सोने का तरीका खोल देता है पर्सनेलिटी का राज? इन 5 स्लीपिंग पोजिशन से जान सकते हैं किसी का भी व्यक्तित्व

Personality Relation with Sleeping Position: जीवन में हर किसी के सोने का तरीका अलग अलग होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोगों के सोने का तरीका उनके पूरे व्यक्तित्व का राज खोल देता है. आज हम आपको ऐसी ही 5 पोजिशन और उनकी खासियतों के बारे में बताते हैं.

Way of Sleeping: हरेक व्यक्ति के सोने का तरीका अलग-अलग होता है. कोई करवट बदलकर सोता है तो कोई सीधा या पेट के बल सोता है. बहुत कम लोगों को पता डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? होगा कि लोगों के सोने का तरीका (Sleeping Position) उनकी पर्सनेलिटी के बारे में बता देता है. आप किसी व्यक्ति के सोने के तरीके से उनके स्वभाव के बारे में काफी हद तक जानकारी हासिल कर सकते हैं. आज हम आपको सोने की पोजिशन के आधार पर लोगों के स्वभाव के बारे में डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? बताते हैं.

डॉलर के मुकाबले पहली बार रुपया 80 के पार, क्‍यों आ रही लगातार गिरावट और क्‍या होगा असर?

भारतीय मुद्रा ‘रुपया (INR)’ के लिए ये सबसे खराब दौर चल रहा है. रुपये की वैल्यू (Indian Rupee Value) पिछले कुछ समय के दौरान बड़ी तेजी से कम हुई है. रुपया लगातार एक के बाद एक नए निचले स्तर (Rupee All Time Low) पर गिरता जा रहा है. मंगलवार को शेयर बाजारों (Share Market) में गिरावट के बीच रुपये ने गिरने का नया रिकॉर्ड बना दिया. रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया प्रयासों के बाद भी रुपया संभल नहीं पा रहा है और मंगलवार को शुरुआती कारोबार में यह डॉलर (USD) के मुकाबले पहली बार 80 से भी नीचे गिर गया.

रुपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले लगातार कम होते गई है। अभी प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के लगातार मजबूत होने से भी रुपये की स्थिति कमजोर हुई है। करीब दो दशक बाद डॉलर और यूरो की वैल्यू बराबर हा चुकी है, जबकि यूरो (Euro) लगातार डॉलर से ऊपर रहता आया है. भारतीय रुपये की डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? बात करें तो दिसंबर 2014 से अब तक यह डॉलर के मुकाबले करीब 25 फीसदी कमजोर हो चुका है। रुपया साल भर पहले डॉलर के मुकाबले 74.54 के स्तर पर था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा था कि रुपये में हालिया गिरावट का कारण कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में आई तेजी और रूस-यूक्रेन के बीच महीनों से जारी जंग (Russia-Ukraine War) है।

क्‍या है गिरावट का प्रमुख कारण

रुपये में कमजोरी का सबसे बड़ा कारण ग्‍लोबल मार्केट का दबाव है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से आया है. ग्‍लोबल मार्केट में कमोडिटी पर दबाव की वजह से निवेशक डॉलर को ज्‍यादा पसंद कर रहे हैं, क्‍योंकि वैश्विक बाजार में सबसे ज्‍यादा ट्रेडिंग डॉलर में होती है. लगातार मांग से डॉलर अभी 20 साल के सबसे मजबूत स्थिति में है. इसके अलावा विदेशी निवेशक इस समय भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे विदेशी मुद्रा में कमी आ रही और रुपये पर दबाव बढ़ रहा है. वित्‍तवर्ष 2022-23 में अप्रैल से अब तक विदेशी निवेशकों ने 14 अरब डॉलर की पूंजी निकाल ली है.

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में बताया कि 31 दिसंबर, 2014 से अब तक रुपये में 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. इसमें ग्‍लोबल फैक्‍टर की सबसे बड़ी भूमिका है. रूस-यूक्रेन युद्ध, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत और ग्‍लोबल मार्केट की खराब फाइनेंशियल कंडीशन के कारण रुपये पर सबसे ज्‍यादा दबाव बढ़ा है.

अमेरिकी डॉलर को टक्कर देने के लिए मोदी सरकार का मास्टर प्लान, भारत के फैसले से अमेरिका भी हैरान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर चुनौती का आगे बढ़कर सामना करते हैं। जब भारतीय रुपये के मुकाबले डॉलर की कीमत आसमान छूने लगी तो प्रधानमंत्री मोदी ने इसे चुनौती के रूप में लेकर भारतीय रुपये को मजबूत करने का फैसला किया। हाल ही में डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? मोदी सरकार की ओर से कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनसे आने वाले सालों में डॉलर की तुलना में रुपये को मजबूती मिल सकती है। मोदी सरकार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भारतीय रुपये में करने की संभावना तलाश रही है। इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनसे रुपये को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बनाने में मदद मिलेगी।

Vitamin deficiency: इस विटामिन की कमी से तंदुरुस्त आदमी भी हो जाता है कमजोर, डाइट में शामिल करें ये चीजें

Deficiency of vitamin b12: हमारे शरीर में विटामिन का होना बहुत ही जरूरी होता है. ऐसे ही विटामिन बी-12 भी बॉडी के लिए बहुत जरूरी होता है. अगर बॉडी में इसकी कमी हो जाए तो तंदुरुस्त आदमी भी कुछ ही दिनों में कमजोर हो जाता है.

vitamin b12 foods in hindi: विटामिन बी 12 हमारी बॉडी ही नहीं डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? बल्कि मेंटल हेल्‍थ के लिए भी फायदेमंद रहता है. अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो दिमाग और तंत्रिका तंत्र दोनों को नुकसान पहुंचता है. ऐसे में नर्वस सिस्‍टम को ठीक रखने के लिए विटामिन बी 12 का होना बहुत ही जरूरी होता है. बॉडी में रेड ब्लड सेल्स भी इससे ही डेवलप होते हैं. आपको बता दें कि अगर बॉडी में इस विटामिन की कमी हो जाए तो हड्डियों (Strong Bones) की बीमारी भी हो डॉलर की कीमत रुपये के मुकाबले क्यों बढ़ रही है? सकती है. इसके अलावा एनीमिया रोग होने का भी खतरा रहता है. आप इन फूड्स का सेवन करके इस विटामिन की कमी को पूरा कर सकते हैं.

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