डीमैट खाता खोलने के लिए आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने चुने हुए डीपी की वेबसाइट पर जाना होगा. डीपी की वेबसाइट पर पहुंचकर आपको 'ओपन डीमैट अकाउंट' टैब पर क्लिक करते हुए नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, ओटीपी और शहर आदि की जानकारी भरनी पड़ेगी. इसके बाद डीमैट खाता खोलने की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए डीपी द्वारा आपसे संपर्क किया जाएगा. इस तरह से आपका डीमैट खाता ऑनलाइन खुल जाएगा.

डीमैट खाता क्या है ? कहाँ और कैसे खोलें | Demat Account क्या है – यहाँ देखे

आज, इस ऑनलाइन इंटरनेट की दुनिया में पैसा कमाना अब और अधिक सरल हो गया है, खासकर, कोरोनावायरस लॉकडाउन के बाद, हम ऑफ़लाइन से ऑनलाइन इंटरनेट की दुनिया में स्विच हो गए हैं। ऑनलाइन पैसे कमाने के कई तरीके हैं, लेकिन इन सबके बीच शेयर बाजार अब सबके बीच मशहूर हो गया है |

एक सरकारी रिपोर्ट से पता चलता है कि, 2020 में, दस लाख से अधिक नए खुदरा निवेशक भारत में उभरे हैं और एक नया डीमैट खाता खोला है। इससे पता चलता है कि लोग शेयर बाजार की ओर कितना आकर्षित होते हैं, खासकर कोरोनावायरस लॉकडाउन सत्र में।

जैसा कि अब हम समझते हैं कि शेयर बाजार ही एकमात्र तरीका है जिसके माध्यम से आप उच्चतम रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। आप धैर्य के साथ लंबी अवधि के लिए मौलिक रूप से विश्लेषण किए गए शेयरों में निवेश करके भी बहुत पैसा कमा सकते हैं।

डीमैट खाता क्या है ?

डीमैट खाते को “डीमैटरियलाइज अकाउंट” के डीमैट खाता क्या है रूप में भी जाना जाता है। डीमैट खाता एक बैंक खाते की तरह है जहां हम किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के शेयर या स्टॉक को डिजिटल रूप में स्टोर कर सकते हैं।

आप किसी भी कंपनी के शेयरों को अपने डीमैट खाते में आसानी से डिजिटल रूप में जमा कर सकते हैं और बैंक खाते की तरह अपने खाते की शेष राशि भी देख सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले किसी भी व्यक्ति को एक नया डीमैट खाता खोलना होगा।

डीमैट खाता कहाँ खोलें ? [ स्टॉक ब्रोकर क्या है ]

अब, आप डीमैट खाते के बारे में पूरी तरह से अवगत हैं। तो, अब आपको यह जानना होगा कि डीमैट खाता कहां खोलना है। यह समझने से पहले कि आपको यह समझना होगा कि नया डीमैट खाता कहां खोलना है।

आमतौर पर स्टॉक ब्रोकर किसी भी व्यक्ति का डीमैट खाता खोलते हैं। भारत में कई स्टॉक ब्रोकर हैं।

स्टॉक ब्रोकर्स क्या है ?

स्टॉक ब्रोकर स्टॉक मार्केट और प्रत्येक व्यक्तिगत निवेशक के बीच का बिचौलिया होता है। स्टॉक ब्रोकर निवेशक द्वारा कंपनी के शेयर के सभी खरीद और बिक्री ऑर्डर के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

भारत में कई स्टॉक ब्रोकर हैं। भारतीय शेयर बाजार में मूल रूप से दो तरह के स्टॉक ब्रोकर होते हैं।

  • पूर्णकालिक ब्रोकर।
  • डिस्काउंट ब्रोकर।

फुल-टाइम ब्रोकर (Full Time Broker) :- फुल टाइम ब्रोकर वे ब्रोकर होते हैं जो निवेशक को विभिन्न और विशेष सेवा प्रदान करते हैं और उच्च शुल्क भी लेते हैं। कुछ सुविधाएं हैं –

  • कॉलिंग ट्रेड।
  • निवेश संबंधी सलाह।
  • 24X7 कॉल सपोर्ट ।
  • समय पर नवीनतम अपडेट।
  • विशेष ध्यान।

कुछ प्रसिद्ध भारतीय पूर्णकालिक ब्रोकर HDFC Securities, ICICI Securities, Kotak Securities Angel Broker and SBI Securities.

Difference Between Demat & Trading Account

अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको शेयर बाजार से जुड़ी कई बातों का ज्ञान होना जरूरी है। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए आपके पास तीन तरह के खातों का होना जरूरी होता है। इनमें बैंक खाता , डिमैट खाता और ट्रेडिंग खाता शामिल है। डिमैट खाता और ट्रेडिंग खाता एक दूसरे पर निर्भर करते हैं। बिना ट्रेडिंग खाते के डिमैट खाता अधूरा है। जो लोग शेयर मार्केट के क्षेत्र में नये होते हैं उन्हें दोनों के बीच का अंतर नहीं पता होता है। हम आपको बतायेंगे की डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बीच क्या अंतर होता है?

इन दोनों के अंतर को समझने के लिए सबसे पहले आपको जानना होगा की डिमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है।

डीमैट (Demat) खाता क्या है?

डीमैट अकाउंट का फुल फॉर्म होता है डिमैटेरियलाइज्ड अकाउंट (Dematerialized Account)।आज से बहुत सालों पहले शेयर मार्केट में लोग जब शेयरों को खरीदते थे तब उन्हें एक कागज दिया जाता था। इस कागज़ में उस व्यक्ति का नाम, शेयरों की संख्या, तारीख आदि लिखी होती थी। लेकिन जैसे-जैसे Technology ने विकास किया वैसे-वैसे शेयर बाजार ने इलेक्ट्रॉनिक रूप को धारण कर लिया। अब आप इन शेयरों को ऑनलाइन किसी भी computer या mobile की सहायता से खरीद सकते है।

इसके लिए आपको शेयर बाजार में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होती है। जिन शेयरों और securities को आप खरीदते हैं उन्हें इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में डीमैट अकाउंट में रखा जाता है।डीमैट खाता खोलने की आवश्यकता इसलिए पड़ती है क्योंकि जिन शेयरों को निवेशक ने खरीदा होता है उन्हें भौतिक से इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदल सके। इस अकाउंट में व्यक्ति के द्वारा खरीदे गए शेयरों, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड, बांड्स (Bonds) और government securities सभी को एक साथ रखा डीमैट खाता क्या है जाता है।भारत में डीमैट खाता खुलवाने की सेवा NSDL और CDSL प्रदान करती हैं।

ट्रेडिंग खाता क्या है?

यदि आप अपने पास डीमैट खाता रखते हैं और आप उस खाते से कुछ शेयर बेचना या खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास एक ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी होता है। यानी जिन शेयरों की खरीद आप कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन करते हैं। उनकी खरीद-फरोख्त के लिए आपको एक खाता रखना जरूरी होता है, यह खाता ट्रेडिंग अकाउंट कहलाता है। ट्रेडिंग अकाउंट ही शेयर बाजार में शेयरों की लेनदेन का एक जरिया है।

1. Demat Account में शेयरों को डिजिटल फॉर्म में रखा जाता है, वहीं ट्रेडिंग खाते के माध्यम से आप शेयर, IPO, म्यूच्यूअल फंड इत्यादि में निवेश कर सकते हैं। निवेश करने के पश्चात इन्हें डीमैट खाते में डिजिटल फॉर्म में रख सकते हैं।

2. डीमैट अकाउंट निवेशक द्वारा खरीदे गए शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म या डिजिटल फॉर्म में रख लेता है। तो वहीं ट्रेडिंग अकाउंट का काम बाजार से शेयरों को बेचने-खरीदने का होता है।

एंजेल ब्रोकिंग – Angel One

इस ब्रोकर का भी देश के सबसे बड़े ब्रोकर के अंदर इसका नाम आता है एंजेल ब्रोकिंग ने अपना नाम बदलकर एंजेल वन रख लिया है यहां पर जब आप डीमैट खाता खोलते हो तो आपको शेयर मार्केट सीखने के लिए फ्री में लर्निंग वीडियो प्रोवाइड कराई डीमैट खाता क्या है जाती है यहां से भी आप किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं

इस ब्रोकर के पास भी देश में कई सारे लोगों के डीमैट खाता खोले गए हैं अप स्टॉक के ऊपर डीमैट खाता क्या है ज्यादातर लोग काफी ज्यादा विश्वास करते हैं इसके पीछे की असली वजह यह है कि अप स्टॉक के चेयरमैन रतन टाटा है अप स्टॉक पर भी आप किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं

देश में लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले ऊपर दिए गए तीन ब्रोकर ही है लेकिन इनके अलावा भी देश में कई सारे ब्रोकर आपको देखने को मिलते हैं जैसे कि Fyres, Alice Blue, sharekhan और इनके अलावा जितनी भी बैंक के होती है उन सभी कि आपको ब्रोकिंग सेवा भी मिल जाती है तो यदि आप चाहो तो बैंकों में जाकर भी अपना एक डीमैट खाता खुलवा सकते हो

डीमैट अकाउंट का इतिहास – History of Demat Account

शेयर मार्केट में 2010 से पहले डीमैट खाता खोलने के लिए काफी ज्यादा टाइम और फॉर्म का इस्तेमाल होता था लेकिन 2010 के बाद जरोदा आया और यहां डीमैट खाता क्या है पर यह सारा कार्य ऑनलाइन ही होने लग गया इससे पहले जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी के शेयर खरीदता था तो जब वह शेयर खरीदता तो कंपनी उसको उसके खरीदे गए शेयरों का वेरीफिकेशन एक कागज पर करके भेजती थी और जब इन्हीं शेयर को वापस बेचना होता था तो उस व्यक्ति को पहले डीमैट खाता क्या है एक फॉर्म भर के उस कंपनी के पास भेजना होता था तब जाकर वे शेयर बिकते थे जो कि एक बहुत ही टाइम कंज्यूम करने वाली प्रोसेस है इसके अंदर लोगों शेर खरीदने और बेचने मैं महीनों का समय लग जाता था डीमैट अकाउंट को डीमेट एलाइंस कहां जाता है

डीमेट अकाउंट खोलने के लिए आपके पास कुछ इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट का होना बहुत ही आवश्यक है इनमें से सबसे महत्वपूर्ण पैन कार्ड और आपका बैंक खाता होता है इसके साथ ही आपको आधार कार्ड और अपनी फोटो का भी इस्तेमाल करना पड़ता है

डीमेट अकाउंट के फायदे – Benefits of Demat Account

ऑनलाइन डिमैट अकाउंट के वैसे तो कई सारे फायदे हैं लेकिन चलिए मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण फायदों के बारे में बताता हूं

कम टाइम – जब आप किसी ब्रोकर के माध्यम से ऑनलाइन डीमैट खाता खोलते है तो इसमें आपका बहुत सारा समय बचता है

जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते और बेचते हैं तो आपको किसी ब्रोकर के पास जाकर कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि आप अपने मोबाइल फोन से ही अपने शेयर को खरीद और बेच सकते है

आजकल मार्केट में कई सारी ब्रोकिंग कंपनियां कंपटीशन में उतरी हुई है और इस कंपटीशन के चक्कर में वह लोगों के फ्री में डीमेट अकाउंट खोल रहे हैं तो आप चाहो तो फ्री में डीमेट अकाउंट खुलवा सकते हे पहले के समय एक डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए काफी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता था

जब आप किसी कंपनी के शेयर को खरीदते और बेचते है तो इसके बीच में सिर्फ आपका ब्रोकर और आप शामिल होते हो इसमें तीसरे पक्ष का कोई भी काम नहीं होता है इसलिए इसमें किसी डीमैट खाता क्या है भी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं होती है आज का सिस्टम पहले से कई गुना बेहतर है

डीमैट अकाउंट ऑनलाइन डीमैट खाता क्या है कैसे खोलें? जानें आसान प्रॉसेस

Demat Account Opening Process

Demat Account Opening Process In Hindi: आज के समय में बहुत सारे लोग शेयर मार्केट में निवेश (Share Market Investment Tips) करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. जानकारी के लिए बता दें कि शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाते (Demat Account Means In Hindi) की जरूरत होती है. बिना डीमैट खाते के कोई भी व्यक्ति शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकता है. ऐसे में सबसे पहले डीमैट खाता खोलने के लिए डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डीपी) का चुनाव करें, जिसके साथ आप डीमैट खाता खोलना चाहते हैं. यह कोई बैंक, वित्तीय संस्थान या ब्रोकर भी हो सकता है. डीपी का चुनाव आदर्श रूप से ब्रोकरेज शुल्क और वार्षिक शुल्क आदि के आधार पर करना उचित माना जाता डीमैट खाता क्या है डीमैट खाता क्या है है.

नाबालिग के नाम पर कैसे खुलवाएं डीमैट खाता?

नाबालिग के नाम पर कैसे खुलवाएं डीमैट खाता?

किस फॉर्म को भरना होगा?
माता-पिता को खाता खुलवाने के लिए निर्धारित डीमैट अकाउंट फॉर्म भरना होगा. दो केवार्इसी फॉर्म भी भरने होंगे. इसमें से एक अभिभावक के लिए होगा. जबकि दूसरा नाबालिग के लिए.

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
अभिभावक को केवार्इसी मानकों को पूरा करके जरूरी दस्तावेजों को जमा करना होगा. इन दस्तावेजों में नाबालिग बच्चे की जन्मतिथि का सबूत अनिवार्य रूप से देना पड़ता है. अभिभावक और नाबालिग का पैन भी जमा करना होता है.

कैसे चलता है खाता?
नाबालिग का खाता माता-पिता चलाते हैं. वे तब तक ऐसा कर सकते हैं जब तक बच्चा बालिग नहीं हो जाता है. नाबालिग के डीमैट खाते से कोर्इ ट्रेडिंग अकाउंट लिंक नहीं किया जा सकता है.

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