इन 5 बातों का रखेंगे ध्यान तो Intraday Trading मे मिल सकता है बेहतर मुनाफा, जानिए कैसे

जो लोग शेयर बाजार में एक ही दिन में पैसा लगाकर मुनाफा कमाना Intraday का क्या मतलब होता है? चाहते Intraday का क्या मतलब होता है? हैं उनके लिए इंट्रा डे ट्रेडिंग बेहतर विकल्प है. इसमें पैसा लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

इन 5 बातों का रखेंगे ध्यान तो Intraday Trading मे मिल सकता है बेहतर मुनाफा, जानिए कैसे

लोग अक्सर कहते हैं कि शेयर बाजार से मोटा कमाया जा सकता है लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है. हालांकि अगर आप बेहतर रणनीति बनाकर लॉन्ग टर्म में सोच कर निवेश करेंगे तो यहां से कमाई की जा सकती है. वहीं इक्विटी मार्केट में इंट्रा डे के जरिए कुछ घंटों में ही अच्छा पैसा बनाया जा सकता है. इंट्रा डे में डिलवरी ट्रेडिंग के मुकाबले पैसा जल्दी बनाया जा सकता है लेकिन इसके जोखि से बचने के लिए आपको बेहतर रणनीति, कंपनी के फाइनेंशियल और एक्सपर्ट की सलाह जैसी चीजों का ध्यान रखना होता है.

क्या है इंड्रा डे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में कुछ घंटो के लिए या एक ट्रेडिंग सेशन के लिए पैसा लगाने को इंट्रा डे कहा जाता है. मान लिजिए बाजार खुलने के समय आपने एक शेयर में पैसा लगाया और देखा की आपको आपके मन मुताबिक मुनाफा मिल रहा है तो आप उसी समय उस शेयर को बेचकर निकल सकते है. इंट्रा डे में अगर आप शेयर उसी ट्रेंडिग सेशन में नही भी बेचेंगे तो वो अपने आप भी सेल ऑफ हो जाता है. इसका मतलब आपको मुनाफा हो या घाटा हिसाब उसी दिन हो जाता है. जबकि डिलवरी ट्रेडिंग में आप शेयर को जबतक चाहे होल्ड करके रख सकते हैं. इंट्रा डे में एक बात यह भी है कि आपको ब्रोकरेज ज्यादा देनी पड़ती है. हां लेकिन इस ट्रेडिंग की खास बात यह है कि आप जब चाहे मुनाफा कमा कर निकल सकते है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

बाजार के जानकारों के मुताबिक शेयर बाजार में इंट्रा डे में निवेश करें या डिलिवरी ट्रेडिंग करें आपको पहले इसके लिए अपने आप को तैयार करना होता कि आप किसलिए निवेश करना चाहते हैं और आपका लक्ष्य क्या है. फिर इसके बाद आप इसी हिसाब से अपनी रणनीति और एक्सपर्ट के जरिए बाजार से कमाई कर सकते हैं. एंजल ब्रोकिंग के सीनियर एनालिस्ट शमित चौहान के मुताबिक इंट्रा डे में रिस्क को देखते हुए आपकी रणनीति बेहतर होनी चाहिए. इसके लिए आपको 5 अहम बाते ध्यान मं रखनी चाहिए.

1. इंट्रा डे ट्रेडिंग में सिर्फ लिक्विड स्टॉक में पैसा लगाना चाहिए. जबकि वोलेटाइल स्टॉक से दूरी बनानी चाहिए.

2. इंट्रा डे में बहुत ज्यादा स्टॉक की जगह अच्छे 2-3 शेयर्स का चुनाव करना चाहिए.

3. शेयर चुनते वक्त बाजार का ट्रेंड देखना चाहिए. इसके बाद कंपनी की पोर्टफोलियो चेक करें. आप चाहे तो शेयर को लेकर एक्सपर्ट की राय भी ले सकते हैं.

4. इंट्रा डे ट्रेडिंग में स्टॉक में उछाल और गिरावट तेजी से आते है, इसलिए ज्यादा लालच नहीं करना चाहिए और पैसा लगाने के पहले उसका लक्ष्य और स्टॉप लॉस जरूर तय कर लेना चाहिए. जिससे टारगेट पूरा होते देख स्टॉक को सही समय पर बेचा जा सके.

5.इंट्रा डे में अच्छे कोरेलेशन वाले शेयरों की खरीददारी करना बेहतर होता है.

डीमैट अकाउंट से कर सकते हैं ट्रेडिंग

अगर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको डीमैट अकाउंट और एक ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना होगा. आप ऑनलाइन खुद से ट्रेडिंग कर सकते हैं या ब्रोकर को ऑर्डर देकर शेयर का कारोबार कर सकते हैं. इंट्रा डे में किसी शेयर में आप जितना चाहे उतना पैसा लगा सकते हैं.

डिस्क्लेमर : आर्टिकल में इंड्रा डे ट्रेडिंग को लेकर ​बताए गए टिप्स मार्केट एक्सपर्ट्स के सुझावों पर आधारित हैं. निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

Intraday का क्या मतलब होता है?

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इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है- What is Intraday Trading in Hindi ?

  • Post last modified: November 10, 2019
  • Post author: Yogesh Singh
  • Post category: Share Market
  • Post comments: 0 Comments

Intraday meaning in hindi -हैलो दोस्तों ! आज हम जानेगे कि बाज़ार में पैसा कमाने के लिए जरुरी नहीं की आप को सालों साल इंतज़ार करना पड़े बल्कि स्टॉक मार्किट में इंट्राडे ट्रेडिंग एक Intraday का क्या मतलब होता है? ऐसा निवेश करने का तरीका है जिसके माध्यम से आप एक दिन के अंतराल में ही जान सकते है कि आपको मुनाफा हुआ है की नुकसान तो आज हम जानेगे की इंट्राडे ट्रेडिंग क्या होता है ? (Intraday meaning in hindi) आइये विस्तार में जानते है |

Intraday Trading क्या होता है – Intraday meaning in Hindi?

इंट्राडे जैसा की नाम से ही पता चलता है “दिन के अंतराल” तो ऐसे ट्रेड जिनको एक दिन के अंतराल में ही पूरा कर लिया जाता है इंट्राडे ट्रेडिंग कहलाता है | इंट्राडे में आप सुंबह 9:15 बजे से लेकर शाम 3 :30 बजे तक शेयर्स को खरीद व बेच सकते है |आपको इंट्राडे में सिर्फ एक दिन के अंतराल में ही अपना सौदा पूरा करना पड़ता चाहे आपको फायदा हो या नुक्सान आपको शाम 3:30 बजे तक अपनी पोजीशन को square off यानी बराबर करना पड़ता है |

आपने शेयर्स खरीदे है तो शाम तक आपको उसे बेचना होगा और अगर आपने Short Sell करके शेयर्स बेचे है तो शाम तक आपको उन्हें खरीदना होगा वरना आपकी पोजीशन auto square off हो जायेगी मतलब की बाजार के बंद होने पर जो शेयर्स का भाव होगा उसमे आपके शेयर्स बेच दिये जायंगे |

Note: अगर आपने short sell किया हुआ है और शाम तक आपने उन बेचे हुए शेयर्स को नहीं खरीदा तो आप Defaulter हो जाओगे जिसमे आपको Penalty देनी पड़ेगी |

Intraday ट्रेडिंग कैसे करे ?

Intraday Trading करने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग अकाउंट का होना अनिवार्य है जो आप किसी भी ब्रोकर्स के पास खुलवा सकते है क्योकि शेयर्स के पैसो का लेन देन केवल ट्रेडिंग अकाउंट के माधयम से ही किया जाता है अधिक जानकारी के लिए आप हमारी ट्रेडिंग क्या होता है वाली पोस्ट देख सकते है और अगर आप Zerodha पर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना चाहते है तो यह पोस्ट देखे |

ज्यादा Volume वाले शेयर्स खरीदे –

आपको ऐसे शेयर्स खरीदने चाहिए जिसमे बहुत ज्यादा Volume हो अथार्थ ऐसे शेयर्स जो ज्यादा खरीदे और बेचे जाए ताकि आपको शेयर्स में Liquidity बनी रहे और आप जब चाहे उन्हें बेच सके |

हमेशा अपना Risk Manage करके चले –

शेयर्स खरीदेने से पूर्व अपना maximum loss और profit दिमाग में रख ले यदि इतना मुनाफा होगा तो में शेयर्स बेच दूंगा या फिर में ज्यादा से ज्यादा इतना नुकसान ही झेलूँगा इससे नीचे शेयर्स बेच दूंगा ज्यादा लालची न बने अपना Risk Manage करके चले |

Volatility वाले शेयर्स पर ही ध्यान दे –

अगर आप ऐसे शेयर्स खरीदेंगे जिसमे कोई movement ही नहीं है तो आप मुनाफा नहीं कमा पाएंगे ऊपर से आपको ब्रोकरेज भी देना होगा केवल उन्ही शेयर्स को खरीदे जिसमे मूवमेंट हो जिसके प्राइस ऊपर नीचे अथार्त Intraday का क्या मतलब होता है? Volatility हो तभी आप मुनाफा कमा पाएंगे |

इंट्रा डे ट्रेडिंग (Intraday Trading) के फायदे –

Daily Income कमाने का जरिया –

इस प्रकार के ट्रेड में आप दैनिक आय भी कमा सकते है जो की Long Term Investment में नहीं होस सकता है ,लेकिन आपको ट्रेडिंग को फुल टाइम समय देना होगा और अपने कौशल को बढ़ाना होगा तभी आप इसमें नियमित रूप से मुनाफा कमा पाएंगे |

Overnight Position का जोखिम –

शेयर बाजार में overnight position भी एक risk की तरह ही है मान लो रातो रात कोई हमला हो जाये या फिर कोई आर्थिक जगत की ऐसी खबर आ जाये जिससे अगले दिन बाजार में शेयर्स के दाम पिछले दिन की क्लोजिंग प्राइस से भी बहुत नीचे गिर जाए तो ऐसे में केवल निवेशक को नुकसान ही होता है | लेकिन इंट्राडे में सौदे एक दिन में ही पूरे कर लिए जाते है तो इसमें overnight position risk नहीं होता|

Margin Money की सुविधा –

Intraday ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह की आप कम निवेश में भी बड़ा ट्रेड ले सकते क्योँकि इसमें ब्रोकर 10 गुना से भी अधिक मार्जिन मनी दे देता है मान लीजिये आपके पास केवल 10 हज़ार ही है और आपका ब्रोकर आपको 10 गुना मार्जिन दे देता है तो आप 1 लाख तक के शेयर्स खरीद सकते है |

Short Selling की सुविधा –

आप सस्ते में शेयर खरीद कर महंगे में बेचने के अलावा Short Selling से भी पैसा कमा सकते है मान लीजिये आपको लगता है कि किसी शेयर में काफी गिरावट आने वाली है तो आप उस शेयर को बिना खरीदे भी बेच सकते है और जब शेयर का दाम में गिरावट आये तो उसे खरीदकर अपना मुनाफा कमा सकते है | मान लीजिये आपको लगता है रिलायंस कंपनी के शेयर जो की Rs 100 चल रहा है वह 99 का हो जायेगा तो आपने Rs 100 प्रति शेयर के हिसाब से 10,000 शेयर्स बेच दिए जो की आपको 10 लाख के पड़े अब मान लीजिये आप के मुताबिक़ वह शेयर Rs 99 प्रति शेयर हो गए तो आपने वह 10000 शेयर्स Rs 99 प्रति शेयर के हिसाब से खरीद लिए जो कि आपको Rs 99,0000 के पड़े जैसा की हमने देखा शेयर्स बेचने और खरीदने में Rs 10,000 का अतर है वही आपका मुनाफा भी है |

Intraday Trading में ध्यान देने वाली बाते (Intraday Trading tips in hindi)–

  • हमेशा बाजार का सम्मान करें और बाजार की दिशा के साथ ही अपना ट्रेड करें |
  • स्टॉप लॉस लगाना न भूले |
  • अफवाहों पर ध्यान न दे |
  • ट्रेड लेने से पहले Trend को जरूर देख ले |
  • ट्रेड करने से पहले हमेशा थोड़ा homework करें |
  • एक ट्रेड में 3% से अधिक पूंजी न खोएं |
  • हमेशा Risk Manage करके चले |
  • बाजार हमेशा सही ही होता है हम गलत हैं – इस सिद्धांत का पालन करें |

Intraday Trading के बारे में कुछ गलतफमियाँ –

भारत मे बहुत से लोगो के मन में इंट्राडे ट्रेडिंग के प्रति काफी गलत धारणाएं है | उन्हें लगता है कि यह सिर्फ एक जुआ है, और कितने ही लोग इसमें पैसा लगाकर बर्बाद हो चुके है। आइये जानते है वह सारी गलत धारणाएं –

  1. इंट्राडे ट्रेडिंग बहुत सारे पैसे बहुत कम समय में कमाने का एक जरिया है |
  2. इंट्राडे ट्रेडिंग एक जुआ है |
  3. हर कोई इंट्राडे ट्रेडिंग से पैसा बना सकता है केवल CNBC देखकर |
  4. इंट्राडे ट्रेडिंग बिना किसी अध्ययन के की जा सकती है |
  5. निवेश करने के लिए आपको लाखो रुपये की आवश्यकता है |
  6. आपको पैसा केवल Bull मार्किट में ही बन सकता है |

Conclusion

इंट्राडे ट्रेडिंग नियमित रूप से Intraday का क्या मतलब होता है? पैसे कमाने का एक बहुत अच्छा जरिया है लेकिन इसमे 99% प्रतिशत लोग केवल नुकसान ही करते है क्योँकि बिना skills के आप ज्यादा देर तक मार्किट में नहीं टिक सकते | लेकिन असंभव कुछ भी नहीं अगर आप खुद पर काम करते है पूरा technical analysis करते है तो आप जरूर इसमें पैसा बना पायेगे | तो आज हमने सीखा कि इंट्राडे ट्रेडिंग क्या होता है -Intraday meaning in Hindi ?

Intraday का क्या मतलब होता है?

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CNC, MIS और NRML का मतलब क्या है?

हर बार जब आप Kite के माध्यम से ऑर्डर प्लेस करते हैं तब CNC,MIS और NRML प्रोडक्ट कोड का इस्तेमाल किया जाता है।

कैश एंड कैरी (CNC) का इस्तेमाल इक्विटी में डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग के लिए किया जाता है। डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग में,स्टॉक को आप जितनी दिन तक चाहें, उसे होल्ड कर सकतें हैं। अगर आप CNC प्रोडक्ट कोड का इस्तेमाल करते है, तब आपको कोई लीवरेज नहीं मिलेगा,और न ही आपकी पोजीशन को ऑटो स्क्वायर ऑफ किया जायेगा। आप CNC का इस्तेमाल करके कोई भी शॉर्ट पोजीशन नहीं ले पाएंगे। हालाँकि, आप इस प्रोडक्ट कोड का इस्तेमाल करके अपने होल्डिंग से स्टॉक को बेच सकते Intraday का क्या मतलब होता है? हैं।

नोट: CNC सिर्फ एक प्रोडक्ट टाइप है।अगर आप उसी दिन शेयर को खरीदने और बेचने के लिए CNC प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल करते हैं, तब यह इंट्राडे ट्रेड माना जाएगा और न की डिलीवरी आधारित ट्रेड, और इसमें ब्रोकरेज इंट्राडे के अनुसार ही लगाया जाएगा।

मार्जिन इंट्राडे स्क्वायर ऑफ (MIS) का इस्तेमाल इंट्राडे इक्विटी, इंट्राडे F&O,और इंट्राडे कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए किया जाता है। MIS प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल इंट्राडे लीवरेज प्राप्त करने के लिए किया जाता है। आप हमारे मार्जिन कैलकुलेटर पर MIS प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल करके इंट्राडे में मिलने वाले मार्जिन को चेक कर सकते हैं। MIS प्रोडक्ट टाइप के अंदर, सभी ओपन पोजीशन खुद भ खुद स्क्वायर ऑफ हो जाएगी अगर वे ऑटो-स्क्वायर ऑफ टाइम से पहले क्लोज नहीं होती हैं। ऑटो-स्क्वायर ऑफ टाइमिंग के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

नार्मल (NRML) का इस्तेमाल फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ओवरनाइट ट्रेडिंग के लिए किया जाता है। डेरिवेटिव में अगर आप अपनी पोजीशन को एक्सपायरी तक होल्ड करना चाहते हैं तब आप NRML प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप इस प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल करते हैं तब आपको इंट्राडे लीवरेज नहीं मिलेगा। NRML प्रोडक्ट टाइप का इस्तेमाल करेंसी में डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग के लिए भी किया जाता है।

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग के बीच अंतर को समझें

वारेन बफेट - वह वह व्यक्ति है जिसके बारे में बात करने पर अधिकांश लोग प्रेरित हो जाते हैंनिवेश. ज़रूर, आपने उसके बारे में सुना होगा, है ना? जब आप उनके निवेश पोर्टफोलियो को देखेंगे, तो आपको लंबी अवधि के शेयरों की एक श्रृंखला मिलेगी। और, यहीं से अपेक्षाकृत नए निवेशक भ्रमित होने लगते हैं। आखिरकार, लंबी अवधि के व्यापार के लिए एक पोर्टफोलियो बनाना हर किसी के बस की बात नहीं हो सकती है। यहीं से इंट्राडे और डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग के बीच चयन करने की दुविधा सामने आती है।

जबकि इन ट्रेडिंग प्रकारों के लिए रणनीतियाँ अलग हैं, वहीं अन्य महत्वपूर्ण पहलू भी हैं जिन्हें इंट्राडे और डिलीवरी के बीच के अंतर के बारे में बात करते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। आइए इन दोनों विकल्पों को एक साथ रखें और इस पोस्ट में उनके अंतरों का पता लगाएं।

Intraday Vs Delivery Trading

इंट्राडे ट्रेडों को परिभाषित करना

इस ट्रेडिंग सिस्टम में ट्रेडिंग सत्र के भीतर स्टॉक खरीदना और बेचना शामिल है, जो उसी दिन होता है। यदि तुमविफल दिन के अंत तक आपकी स्थिति को स्क्वायर करने के लिए, विशिष्ट ब्रोकरेज योजनाओं के तहत आपका स्टॉक स्वचालित रूप से समापन मूल्य पर बेचा जाता है।

अधिकांश व्यापारी शेयरों की कीमत निर्धारित करके इस व्यापार की शुरुआत करते हैं और यदि वे लक्ष्य से कम व्यापार कर रहे हैं तो उन्हें खरीद लेते हैं। और फिर, लक्ष्य तक पहुंचने पर वे स्टॉक को बेच देते हैं। और, अगर स्टॉक के लक्ष्य तक नहीं पहुंचने की भविष्यवाणी है, तो व्यापारी इसे उस कीमत पर बेच सकते हैं जो सबसे अच्छी लगती है।

इंट्राडे ट्रेडिंग के लाभ

  • आपको पूरी राशि का केवल एक निश्चित भाग का भुगतान करके शेयर खरीदने को मिलता है; इस प्रकार, आपको कम निवेश करने और अधिक लाभ प्राप्त करने को मिलता है
  • यदि आपको लगता है कि किसी निश्चित कीमत की कीमत दिन में कहीं गिर सकती है, तो आप शेयर को बिना खरीदे ही बेच सकते हैं; इस तरह, आप कीमत Intraday का क्या मतलब होता है? के आधार पर बाद में स्टॉक खरीद सकते हैं और पर्याप्त लाभ कमा सकते हैं
  • डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग की तुलना में, इंट्राडे में ब्रोकरेज कम होता है

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

  • आप समय नहीं दे सकतेमंडी, और इस प्रकार के व्यापार में कोई भविष्यवाणी काम नहीं करती है; इस प्रकार, आपके पास कितना भी अच्छा पैसा क्यों न हो, आपके पास 24 घंटे से अधिक के लिए स्टॉक नहीं हो सकता है
  • इस ट्रेडिंग में, आपको स्टॉक को पर रखने की सुविधा नहीं हैरिकॉर्ड करने की तारीख राइट्स इश्यू, बोनस, लाभांश, और बहुत कुछ
  • आपको बेहद सतर्क रहना होगा और हर मिनट बाजार पर नज़र रखनी होगी

डिलीवरी-आधारित ट्रेडों को परिभाषित करना

जहां तक डिलीवरी ट्रेडों का संबंध है, खरीदे गए स्टॉक को इसमें जोड़ा जाता हैडीमैट खाता. जब तक आप बेचने का फैसला नहीं करते तब तक वे कब्जे में रहते हैं। भिन्नइंट्राडे ट्रेडिंग, इसकी कोई सीमित समयावधि नहीं है। आप अपने स्टॉक को दिनों, हफ्तों, महीनों या वर्षों में Intraday का क्या मतलब होता है? भी बेच सकते हैं।

डिलिवरी-आधारित ट्रेडिंग के लाभ

  • अगर आपको लगता है कि कंपनी काफी अच्छा कर रही है तो आपको किसी स्टॉक में लंबे समय तक निवेश करने का फायदा मिलता है
  • जोखिम इंट्राडे से कम है

डिलिवरी-आधारित ट्रेडिंग के नुकसान

  • स्टॉक खरीदने के लिए आपको पूरी राशि का भुगतान करना होगा; इस तरह, जब तक आप अपने शेयर बेचने का निर्णय नहीं लेते, तब तक आपके फंड ब्लॉक हो जाते हैं

डिलीवरी और इंट्राडे दृष्टिकोण के बीच अंतर

अब जब आप इंट्राडे और डिलीवरी के अंतर को समझ गए हैं, तो यहां बताया गया है कि उनका व्यापार करने का तरीका भी अलग है:

वॉल्यूम ट्रेड

इसे एक दिन के भीतर किसी कंपनी के शेयर खरीदे और बेचे जाने की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। आमतौर पर अच्छी तरह से स्थापित और बड़े संगठनों के लिए उनकी विश्वसनीयता के कारण मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार, यदि आप इंट्राडे चुन रहे हैं, तो विशेषज्ञ आपको इन ट्रेडों से चिपके रहने की सलाह देंगे।

लंबी अवधि के लिए कारोबार करने वालों के संदर्भ में, वे अस्थिरता के पहलू पर कम निर्भर करते हैं क्योंकि स्टॉक बेचने को तब तक के लिए टाल दिया जा सकता है जब तक कि यह आपके द्वारा निर्धारित लक्ष्य मूल्य तक नहीं पहुंच जाता।

कीमत के स्तर

दोनों ट्रेडों के लिए, मूल्य लक्ष्य निर्धारित करना एक आदर्श तरीका है। हालांकि, यह इंट्राडे ट्रेडों में बेहतर काम करता है क्योंकि ये अधिक समय के प्रति संवेदनशील होते हैं। इस पद्धति से, आप अधिक लाभदायक अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

लंबी अवधि के ट्रेडों के लिए, आप निवेश की अवधि बढ़ा सकते हैं, भले ही आप लक्ष्य मूल्य से चूक गए हों। कई व्यापारी लक्ष्य को ऊपर की ओर संशोधित कर सकते हैं और लाभ प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक स्टॉक रख सकते हैं।

निवेश का विश्लेषण

आमतौर पर, इंट्राडे ट्रेड तकनीकी संकेतकों पर आधारित होते हैं। ये स्टॉक के अल्पकालिक मूल्य आंदोलन को दर्शाते हैंआधार ऐतिहासिक मूल्य चार्ट के। इतना ही नहीं, बल्कि यह ट्रेडिंग इवेंट-संचालित भी हो सकती है। हालांकि, इनमें से कोई भी दृष्टिकोण दीर्घकालिक सफलता की गारंटी नहीं दे सकता है।

डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग के संबंध में, Intraday का क्या मतलब होता है? विशेषज्ञ सलाह देते हैंमौलिक विश्लेषण. इसका मतलब उन कंपनियों में निवेश करना है जिनके पास लंबी अवधि की भविष्यवाणी है। इसके लिए कंपनी के कारोबारी माहौल और आंतरिक संचालन के गहन विश्लेषण की जरूरत है। लेकिन ध्यान रखें कि किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए आपको असंख्य संख्याओं और आंकड़ों से गुजरना होगा।

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग के बीच अंतर: आपको कौन सा चुनना चाहिए?

ज़रूर, इंट्राडे ट्रेडिंग लुभाने लगती है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, आपको सफलता हासिल करने के लिए हर मिनट बाजार पर नजर रखनी होगी। साथ ही, इस प्रकार को चुनना आपको तकनीकी पहलुओं, जैसे कि एल्गोरिदम और चार्ट पर निर्भर रहने के लिए मजबूर करेगा। इस प्रकार, यदि आप इस दृष्टिकोण से सहज नहीं हैं, तो आपको इस ट्रेडिंग प्रकार से दूर रहना चाहिए।

दूसरी ओर, यदि आप कुछ घंटों का निवेश करके जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं, तो डिलीवरी-आधारित ट्रेडिंग आपके लिए एक बढ़िया विकल्प नहीं है क्योंकि इस प्रकार के लिए बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इसमें फंडामेंटल अप्रोच की मदद से पैसा लगाने की भी जरूरत होती है।

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