नई दिल्ली: शेयर बाजार के अधिकतर ट्रेडर के पास बाजार से जुड़ी बेहतरीन यादें होती है कि उन्होंने कैसे कुछ हजार रुपये को करोड़ों में बदल दिया है. अगर बात दिल्ली के ट्रेडर्स जितेंद्र सिंह की करें तो उनके लिए यह कहानियां आसान नहीं है. साल 2006 में ₹25 लाख के निवेश से कारोबार शुरू करने वाले जितेंद्र सिंह पार्ट टाइम ट्रेडर हैं. वह दिल्ली में एक बीपीओ चलाते हैं. साल 2012 में उनके जीवन में टर्निंग प्वाइंट आया जब वह 4 करोड़ रुपए के नुकसान में चले गए. इसके बाद सिंह ने फिर से ट्रेडिंग में हाथ आजमाया और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के साथ यह एक साइकोलॉजी है जिसकी वजह से इस गेम में जितेंद्र सिंह ने शीर्ष पर जगह बनाई है. जितेंद्र सिंह ने ग्रेजुएशन में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की, उसके बाद उन्होंने एमबीए किया है. एक एडवरटाइजिंग फर्म में कॉपीराइटर कम क्रिएटिव स्टाफ के रूप में काम करने के बाद उन्होंने ओरेकल डीबीए की पढ़ाई की और h1b वीजा लेकर न्यूजर्सी में नौकरी करने जाने वाले थे. पारिवारिक समस्याओं की वजह से वह बाद में अमेरिका नहीं जा पाए.

कॉपी ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

कॉपी ट्रेडिंग (CT) एक दृष्टिकोण है जो 2005 में उत्पन्न हुआ था जब व्यापारियों ने स्वचालित सौदों के लिए डिज़ाइन किए गए कुछ एल्गोरिदम की प्रतिलिपि बनाना शुरू किया था। दृष्टिकोण गति प्राप्त करना जारी रखता है; इस बीच, विशेषज्ञ इस पद्धति के पेशेवरों और विपक्षों दोनों में अंतर करते हैं।

कॉपी ट्रेडिंग क्या है?

विधि का नाम इसके सिद्धांतों की व्याख्या करता है; यही कारण है कि नवागंतुक आसानी से समझ जाते हैं कि कॉपी ट्रेडिंग अन्य व्यापारियों के सौदों की नकल पर आधारित है। इस दृष्टिकोण की सावधानियां क्या हैं? फ़ोरेक्ष बाजार अभी भी निवेश करने के लिए सबसे आशाजनक साधनों में से एक है। यह कहा गया है कि शुरुआती खिलाड़ी मुनाफे की तलाश में इस उद्योग में शामिल होते हैं।

फ़ोरेक्ष आँकड़े निम्नलिखित तथ्य दिखाते हैं:

30% से अधिक नए व्यापारी (1 वर्ष से कम का अनुभव) वित्तीय बाजारों को बहुत जटिल समझते हैं। कॉपी ट्रेडिंग उन व्यापारियों के लिए एकमात्र प्रभावी तरीका है।

CT पद्धति ने 2020 में $50 बिलियन से अधिक का लाभ कमाया, और यह संख्या 2025 तक $80 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है।

कॉपी ट्रेडिंग का क्या मतलब है?

दृष्टिकोण में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान

एक पेशेवर व्यापारी खोजें जो पूरी तरह से आपके लक्ष्यों से मेल खाता हो, और उसके लिए सदस्यता लें। निम्नलिखित पहलुओं को ध्यान में रखें: ग्राहकों की संख्या, व्यापारिक आंकड़े, लाभ, जोखिम स्तर, प्रारंभिक निवेश पर वापसी, और अन्य कारक।

अपने निवेश बजट को परिभाषित करें। याद रखें कि आपके निवेश को आपके दैनिक जीवन के लिए बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए। तय करें कि कौन सी राशि निवेश करने के लिए पर्याप्त है। कॉपी ट्रेडिंग - कैसे शुरू करें? यह सभी नवागंतुकों का प्रश्न है, और विशेषज्ञ कई सफल व्यापारियों का अनुसरण करने की सलाह देते हैं। अपने निवेश बजट को 2-3 व्यापारियों के बीच मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान साझा करें।

बेहतर सीटी तंत्र चुनें। कुछ व्यापारी सिग्नल प्राप्त करते हुए मैन्युअल रूप से सौदे खोलते और बंद करते हैं। अन्य निवेशक प्रक्रिया को स्वचालित करना पसंद करते हैं। सेमी-ऑटोमेटेड मोड भी उपलब्ध है।

जब परिणाम आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप हों तो अधिक फंड निवेश करें। नुकसान के मामले में, अनुसरण करने के लिए अन्य व्यापारियों को चुनें।

कॉपी ट्रेडिंग के शीर्ष -5 लाभ

यह दृष्टिकोण नए बाजार के खिलाड़ियों के लिए मददगार है। जब आपने अभी बाजार में प्रवेश किया है और आपके पास कोई अनुभव नहीं है, तो अन्य व्यापारियों के सौदों की नकल करना यह समझने का एक सही तरीका है कि बाजार कैसे काम करता है।

जब कोई ट्रेडर FX मार्केट मैकेनिज्म को नहीं समझ सकता है और नुकसान झेलता है, तो कॉपी ट्रेडिंग इस इंस्ट्रूमेंट से मुनाफा पाने का तरीका है।

CT सौदों की स्वचालित प्रक्रिया निवेशकों के समय को मुक्त करती है, क्योंकि विशेष सॉफ्टवेयर द्वारा ऑर्डर दिए जाते हैं। इसने कहा कि दृष्टिकोण एक निष्क्रिय निवेश विकल्प के रूप में कार्य करता है।

उन्नत जोखिम प्रबंधन होता है, क्योंकि निवेशक एक पेशेवर व्यापारी के आँकड़ों, रणनीतियों और अन्य पहलुओं का विश्लेषण करते हैं, यह समझने के लिए कि क्या वे एक व्यापारी पर अपने पैसे पर भरोसा करने के लिए तैयार हैं या नहीं।

अपने नुकसान पर नियंत्रण रखें। जब परिणाम आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होते हैं, तो आपका ध्यान अन्य व्यापारियों पर स्थानांतरित करना आसान होता है।

इस विधि के मुख्य विपक्ष

जब उपयोगकर्ता कॉपी ट्रेडिंग करने के तरीके में गहराई से उतरते हैं, तो फायदे काफी उज्ज्वल और आकर्षक होते हैं। इस बीच, यह न भूलें कि नुकसान भी मौजूद हैं:

पेशेवर व्यापारियों को भी दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है; यही मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान कारण है कि आपकी जमा राशि के पिघलने का जोखिम मौजूद है।

मैनुअल CT के बारे में बात करते समय, व्यापारियों को मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान एक प्लेटफॉर्म पर 24/7 पहुंच की आवश्यकता होती है। यदि आप स्वचालित तंत्र पसंद करते हैं, तो सॉफ़्टवेयर हमेशा ऑनलाइन होना चाहिए।

सफल व्यापारियों का विशाल बहुमत सफल सौदों से शुल्क की मांग करता है; यही कारण है कि दृष्टिकोण में कुछ खर्च शामिल हैं।

इसलिए, यह समझने के लिए कॉपी ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान का विश्लेषण करें कि क्या यह तरीका आपके विचारों और अपेक्षाओं के अनुरूप है।

Trading: चार करोड़ के नुकसान के बाद दिल्ली के इस डेरिवेटिव ट्रेडर ने कैसे पकड़ी मुनाफे की राह?

साल 2006 में ₹25 लाख के निवेश से कारोबार शुरू करने वाले जितेंद्र सिंह पार्ट टाइम ट्रेडर हैं. वह दिल्ली में एक बीपीओ चलाते हैं. साल 2012 में उनके जीवन में टर्निंग प्वाइंट आया जब वह 4 करोड़ रुपए के नुकसान में चले गए.

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नई दिल्ली: शेयर बाजार के अधिकतर ट्रेडर के पास बाजार से जुड़ी बेहतरीन यादें होती है कि उन्होंने कैसे कुछ हजार रुपये को करोड़ों में बदल दिया है. अगर बात दिल्ली के ट्रेडर्स जितेंद्र सिंह की करें तो उनके लिए यह कहानियां आसान नहीं है. साल 2006 में ₹25 लाख के निवेश से कारोबार शुरू करने वाले जितेंद्र सिंह पार्ट टाइम ट्रेडर हैं. वह दिल्ली में एक बीपीओ चलाते हैं. साल 2012 में उनके जीवन में टर्निंग प्वाइंट आया जब वह 4 करोड़ रुपए के नुकसान में चले गए. इसके बाद सिंह ने फिर से ट्रेडिंग में हाथ आजमाया और उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

Infosys, ल्यूपिन और अपोलो माइक्रो आज कराएंगे आपकी कमाई, आप लगाना चाहेंगे दांव
ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के साथ यह एक साइकोलॉजी है जिसकी वजह से इस गेम में जितेंद्र सिंह ने शीर्ष पर जगह बनाई है. जितेंद्र सिंह ने ग्रेजुएशन में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की, उसके बाद उन्होंने एमबीए किया है. एक एडवरटाइजिंग फर्म में कॉपीराइटर कम मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान क्रिएटिव स्टाफ के रूप में काम करने के बाद उन्होंने ओरेकल डीबीए की पढ़ाई की और h1b वीजा लेकर न्यूजर्सी में नौकरी करने जाने वाले थे. पारिवारिक समस्याओं की वजह से वह बाद में अमेरिका नहीं जा पाए.

इसके बाद जितेंद्र सिंह ने अपना बीपीओ शुरू किया. अपने एक दोस्त की वजह से सिंह का ट्रेडिंग में इंटरेस्ट जगा. उन्होंने बहुत सी चीजें ट्राई की और शेयर बाजार से कमाई भी की. साल 2006 में जितेंद्र ने ट्रेडिंग की शुरुआत की, इस तरह वे पिछले 16 साल से ट्रेड कर रहे हैं.

जितेंद्र सिंह ने 25 लाख रुपए के साथ ट्रेडिंग की शुरुआत की थी और शुरुआती 5-6 साल में ही उनका नुकसान चार करोड़ रुपए पर पहुंच गया. इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों के लिए ब्रेक ले लिया. इसके बाद जितेंद्र सिंह ने शेयर बाजार में निवेश का अनुशासन सीखने की कोशिश की. सिंह ने कहा, "उस समय कोई मेंटर साइकोलॉजी और डिसिप्लिन पर काम नहीं करता था."

जितेंद्र सिंह चार्ट्स में बहुत अच्छे थे लेकिन उसे एग्जीक्यूट करने में बहुत खराब थे. शुरुआत में उन्होंने धीरे-धीरे इस आदत को ठीक करने की कोशिश की. इसके बाद उन्होंने शेयर बाजार में ₹50 लाख के निवेश से दोबारा ट्रेडिंग शुरू की है. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती यह थी कि वह पार्ट टाइम ट्रेडिंग करते थे, इस वजह से उनका नुकसान बढ़ने लगा.

उन्होंने कहा है कि शेयर बाजार में कारोबार करना उनके लिए सही है जो यह काम फुल टाइम करते हैं. इसके साथ ही अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो पूंजी के अलावा आपके पास एक डेढ़ साल के गुजारे के लायक रकम मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान अलग होनी चाहिए. इसकी वजह यह है कि अगर आपको शेयर बाजार में नुकसान हो तो आपके जरूरी खर्चो पर असर ना पड़े.

जितेंद्र सिंह फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में ट्रेडिंग करते थे. उन्होंने कहा कि एक सेलर अनलिमिटेड रिस्क ले लेता मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान है लेकिन उसका प्रॉफिट हमेशा लिमिटेड होता है. इसी तरह एक बायर लिमिटेड रेस्ट लेता है लेकिन उसका प्रॉफिट अनलिमिटेड होता है.

इसके बाद जितेंद्र सिंह ने अपनी रणनीति पर सही तरीके से अमल करना शुरू किया और ट्रेडिंग में उन्होंने हर महीने निवेश पर चार पांच फ़ीसदी मुनाफा कमाना शुरू कर दिया. महीने के शुरुआती 15 दिनों में ट्रेड कर जितेंद्र सिंह अब अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं.

ED का 905 करोड़ रुपये की अवैध हेजिंग पर 6 कंपनियों को नोटिस

जांच एजेंसी ईडी ने बताया कि वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर फेमा के प्रावधानों के तहत शुरुआती जांच की गई थी. जांच से पता चला है कि ये कंपनियां विदेशी मुद्रा के अनधिकृत लेनदेन में शामिल थीं.

प्रवर्तन निदेशालय

मुनीष पांडे

  • नई मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान दिल्ली,
  • 19 जून 2020,
  • (अपडेटेड 19 जून 2020, 10:54 AM IST)
  • 2011-12 में महज 3 दिन में अवैध कमाई करने का आरोप
  • मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज के पोर्टल से हुआ लेनदेन- ED

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कम से कम 6 फर्मों और इसके निदेशकों को 905 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्राओं के अनधिकृत बढ़ोतरी (हेजिंग) के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

हेजिंग एक जोखिम प्रबंधन रणनीति है जो संबंधित परिसंपत्ति में विपरीत स्थिति को लेकर निवेश में नुकसान की भरपाई करने के लिए नियोजित की जाती है. यह कमोडिटी की कीमतों में होने मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान वाले उतार-चढ़ाव से नुकसान से बचने का एक तरीका भी होता है.

वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने कई फर्मों को फेमा नोटिस जारी किए हैं. इनमें संतोष प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, पेन्नार ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, डिलाइट सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान आदित्य सारदा और नवीन नय्यर, हेडेन वेनिजा प्राइवेट लिमिटेड (जिसे पहले मैरीगोल्ड वेनिजा के रूप में जाना जाता था) के निदेशक सचित सर्राफ और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के तत्कालीन सीईओ और एमडी शामिल हैं.

जांच एजेंसी ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड वह पोर्टल है जिस पर ये अनधिकृत लेनदेन हुए थे.

जांच एजेंसी ने बताया कि वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर फेमा के प्रावधानों के तहत शुरुआती जांच की गई थी. जांच से पता चला है कि ये कंपनियां विदेशी मुद्रा व्युत्पन्न अनुबंधों के अनधिकृत लेनदेन में शामिल थीं.

संतोष प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, पेन्नार ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, और डिलाइट सप्लायर्स प्राइवेट लिमिटेड, द कंपनिज ऑफ आदित्य सारदा ने 2011-12 के वित्तीय वर्ष में विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के बीच सट्टा लाभ कमाने के लिए महज 3 दिनों में 905 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन किया.

प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि ईडी की जांच में आगे पता चला है कि आरोपी कंपनियों के पास कोई वास्तविक विदेशी लेन-देन या किसी भी तरह का व्यापार या व्यवसाय नहीं था जो किसी भी निर्यात, आयात या किसी अन्य गतिविधि से संबंधित हो, जिसमें विदेशी मुद्रा वायदा, डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के माध्यम से कवरेज या हेजिंग की आवश्यकता हो.

जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि हेडेन वेनिजा प्राइवेट लिमिटेड के ब्रोकर ने भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमोदन के बिना ही फ्यूचर करेंसी की मुद्रा व्युत्पन्न अनुबंधों के तहत अवैध लेनदेन किया.

Mahashivratri 2019: महाशिवरात्रि के अवसर पर आज बंद रहेंगे शेयर बाजार

महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार को शेयर बाजार और मुद्रा डेरिवेटिव बाजार बंद हैं। बीएसई और एनएसई आज 4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि के कारण बंद रहेंगे। आज देश भर के प्रमुख सर्राफा बाजार, मेटल.

Mahashivratri 2019: महाशिवरात्रि के अवसर पर आज बंद रहेंगे शेयर बाजार

महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार को शेयर बाजार और मुद्रा डेरिवेटिव बाजार बंद हैं। बीएसई और एनएसई आज 4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि के कारण बंद रहेंगे। आज देश भर के प्रमुख सर्राफा बाजार, मेटल बाजार, फॉरेक्स और कमोडिटी बाजार में भी कारोबार नहीं होगा।

बीते शुक्रवार 1 मार्च 2019 को मुद्रा डेरिवेटिव के नुकसान शेयर बाजार में तेजी रही। भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव कम होने के संकेतों के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को 196 अंक चढ़कर 36,064 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी बीते शुक्रवार 10,862 के स्तर पर बंद हुआ। मार्च डेरिवेटिव्स अनुबंध में मजबूत शुरुआत के साथ लगातार विदेशी पूंजी निवेश ने सेंसेक्स में पिछले तीन कारोबारी दिन से जारी गिरावट को थामने का काम किया।
वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के दो और विमान परिचालन से बाहर

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